तुम्हारी याद में -

पंकज की कलियों को खिलने के लिए
उर्जा दी ओजस्वी सूर्य की किरणों ने
निभाया एक दिन का साथ
पर कहा रोक पाया सूर्य
इस पंकज को मुरझाने से
कल फिर उगा नया कमल
खिला मुस्कुराया पुष्पित पल्लवित हुआ
उसी सूर्य की ओजस्वी किरणों से
प्रेम से प्रेरणा से

Comments

Popular posts from this blog

गदल - रांगेय राघव

मृत्युंजय - एक चरित्र, अनंत कहानी

गोदान - एक विचार