Tuesday, August 25, 2015

बस यादें !

वक़्त नहीं है खुद के लिए भी
जाने , वो भी इसी हालत में होंगे
सोचते होंगे मेरी ही तरह
फिर कभी फुर्सत में मिलेंगे ,
फिर कभी फुर्सत में मिलेंगे।

चंद यादें भी अब याद आने से नहीं आती हैं
दिख जाए उनका नाम कहीं ,
तब  ज़िंदगी पुरानी  याद आती है।




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