Monday, August 30, 2010

अनुवाद

स्वयं कि अंग्रेजी कविताओं का अनुवाद करने का मन हुआ... अनुवाद में वैसे भी रूचि है और हाल ही कुछ दिनों से कई छोटी अंग्रेजी कविताएं लिखी तो सोचा पहले इन्ही का अनुवाद करके देखा जाए... तो कुछ अनुवाद श्रंखला से ---

१.)

मेरे मित्र !
तुम कहते कुछ हो और  करते कुछ और,
और तुम पढ़ाते हो कबीर ,
यह एक शर्मनाक बात है,
ओह! शिकायत करना बेकार है,
यह संसार है.
अद्भुत और अजीब  !
नकली चेहरों  से घिरा,
और
अविश्वास से भरा.

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