Saturday, November 21, 2009

तुम्हारी याद में -

पंकज की कलियों को खिलने के लिए
उर्जा दी ओजस्वी सूर्य की किरणों ने
निभाया एक दिन का साथ
पर कहा रोक पाया सूर्य
इस पंकज को मुरझाने से
कल फिर उगा नया कमल
खिला मुस्कुराया पुष्पित पल्लवित हुआ
उसी सूर्य की ओजस्वी किरणों से
प्रेम से प्रेरणा से

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